गैंगस्टर शायरी

गैंगस्टर शायरी

गैंगस्टर लोगो के लिए 

नाम और पहचान चाहे छोटी हो पर अपने दम पर होनी चाहिए 

अपनी एन्ट्री शेर जैसी शोर कम खौफ ज्यादा

हमारी शख्सियत ही ऐसी है जनाब हम मारते कम गाड़ते ज्यादा है

बेखौफ मुस्कुराते रहो, जो जलता है उसे जलाते रहो

आग लगा देंगे उस महफिल में, जहां बगावत हमारे खिलाफ होगी

हमारे बारे में इतना मत सोचना, हम हर बार नए अंदाज़ में आते हे

माशूका नहीं हूँ जो बेवफाई करूँगा, तेज़ तलवार हूँ सिर्फ तबाही करूँगा

अगर बिखरने का इतना ही शौक है तो बेखौफ तैयारी कर लो हमसे टकराने की

ऊँचा उड़कर इतना ना इतराओ परिंदो, मैं अपनी औकात पर आया तो आसमान खरीद लूंगा