गैंगस्टर शायरी

गैंगस्टर शायरी

हिंदी में

तू जिसे बाप कहता हे, वो मुझे आप कहता हे

अपनी एन्ट्री शेर जैसी शोर कम खौफ ज्यादा

अजीब नही हु मेरी जान, थोड़ा सा गरम दिमाग का हु

बेखौफ मुस्कुराते रहो, जो जलता है उसे जलाते रहो

हम वहाँ खड़े होते हैं जहाँ पर मैटर बड़े होते हैं

काली जिंदगी काला काम है, एक नाम है वो भी बदनाम है

लोग बेवजह मुझसे उलझते हैं, मै तो खुद का ही दुश्मन हूँ

सौ बात की एक बात करता हूं ना तुझसे ना तेरे बाप से डरता हूं

गांव के देसी बालक है मैडम ना किसी से डरे हैं ना किसी पर मरे हैं